Sunday, August 9, 2020

ख्याल

 
हिज्रब् का जब भी ख्याल आता है ...
मुझको मेरे दिल पर ही मलाल आता है ...

अजीब किस्मत होती है इन गरीबों की ... 
हर रोज़ सर पर इक नया वबाल आता है ...

की... बात छिड़ती है जब कभी पैकर ए हुस्न की
 मुझको तसव्वुर मैं तेरा जमाल आता है ...

मैं कैसे भूल जाऊं तुझको कि अब तो 
बेखयाली मैं भी तेरा ख्याल आता है ...

दर्द होते हुए हरदम मुस्कुराता रहता हूँ 
मुझको तो बस इक यही कमाल आता है ...

                                     - धर्म

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