जरा सा अपनाते हैं कभी,
तो कभी बेगाने लगने लग जाते हैं ।
यह टेढ़े मेढे उल्टे सीधे रास्ते,
किस गली किस नुक्कड़ पर मुड़ जाते है ,
जहां से मुड़ते हैं वहीं से नए मोड़ बन जाते हैं।
कभी किसी की जिंदगी की शुरुआत तो कभी किसी की कहानी का अंत बन जाते है ,
यह रास्ते ही तो है जो मुसाफिरों को उनकी मंजिल की ओर ले जाते है ।
है अपनाते किसी को कभी तो कभी किसी को भूल भी जाते है ,
जो मिलाते हैं किसी से कभी तो कभी किसी को दूर भी तो यही ले जाते हैं ।
और अगर गौर से देखा और सोचा जाए तो,
जिंदगी के मायने और इस हसीन सफर का एहसास वक्त बेवक्त अक्सर यह रास्ते ही हमें करवाते हैं ।
- धर्म
Great 🙌🏻
ReplyDeletethank you
Deleteઅદભૂત
ReplyDeleteSuper Bro
ReplyDeletethank you
DeleteDhoom majavi didhi che dost
ReplyDeletethank you bhai.
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